चलो इक बार फिर से इस्तिख़ारा कर लिया जाए
वगरना आप से कम पे गुज़ारा कर लिया जाए
अगर पहली मोहब्बत से शिकस्ता हो गया दामन
मिले दिल से इजाज़त तो दुबारा कर लिया जाए
ये साँपों का नगर है हम को इस
में बच के रहना है
झटक कर अपने बाज़ू को किनारा कर लिया जाए
नहीं लगता कि अब ये फ़ैसला हक़ में मेरे होगा
न मुमकिन फ़ाइदा हो तो ख़सारा कर लिया जाए
कहाँ अब चाहता हूँ मैं कभी हो तू मेरा फिर से
तिरे इस जादू टोने का उतारा कर लिया जाए
— Atul Kumar















