उसे तो पा न सका यार ख़ुद ख़ुदा ही नहीं
वो जिस्म-ओ-हुस्न हमारे लिए तो था ही नहीं
उसी की बात परेशान कर रही है मुझे
वो कहता है मेरी ख़ातिर कोई बना ही नहीं
मैं सच कहूँ तो हसीं हुस्न देख कर उस का
वो होगी बे-वफ़ा ऐसा मुझे लगा ही नहीं
— Ayush Aavart
वो जिस्म-ओ-हुस्न हमारे लिए तो था ही नहीं
उसी की बात परेशान कर रही है मुझे
वो कहता है मेरी ख़ातिर कोई बना ही नहीं
मैं सच कहूँ तो हसीं हुस्न देख कर उस का
वो होगी बे-वफ़ा ऐसा मुझे लगा ही नहीं
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