हुस्न से सिर्फ़ कोई हीर नहीं बनती हैइस लिए भी तेरी तस्वीर नहीं बनती हैप्यार कहने से तो गहरा नहीं होता रिश्तापानी से कोई भी ज़ंजीर नहीं बनती हैपुर-असर बात बस इक बार कही जाती हैबारहा कहने से गंभीर नहीं बनती है— Ayush Aavart