हसीं इक चेहरे को देखा करेंगे
मोहब्बत कुछ तो हम खर्चा करेंगे
न सीखा हम ने मन की बात करना
मिलो, हम चाय पे चर्चा करेंगे
रखेंगे इश्क़ की लज़्ज़त को क़ायम
सो हम महबूब से पर्दा करेंगे
अना का ये तराज़ू तोड़ देंगे
कि ऐसा मौत से सौदा करेंगे
फ़क़त इक ज़िन्दगी में इतने वादे
ज़रूरी तो नहीं पूरा करेंगे
नहीं है चाँद की हम को ज़रूरत
के इक जुगनू को हम दीया करेंगे
वफ़ा का जिक्र होगा गर कहीं 'दास'
तेरा ही नाम हम लिक्खा करेंगे
— Das Kanpuri















