
नहीं ये जानता उस की मोहब्बत में अगर तू रो रहा होगा
नहीं मालूम जगके रातभर तू चैन अपना खो रहा होगा
तेरी आँखों में दिखते हैं मुझे भी अब किसी की याद के साए
मगर वो शख़्स तुझ को भूलके आख़िर कहीं अब सो रहा होगा
— Umashankar Lekhwar
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