अपना किरदार हम दिखा देंगे
चोट खाकर भी मुस्कुरा देंगे
तेरे ख़्वाबों में ऐ मेरे हमदम
रंग उल्फ़त के हम मिला देंगे
इश्क़ की रहगुज़र में आ जाओ
अपनी पलकों को हम बिछा देंगे
उन को लाओ बुला के ऐ लोगों
वो ही बीमार को दवा देंगे
सुनके दीवाने वो हुए जिस को
वो ग़ज़ल तुम को हम सुना देंगे
उठके जाने की ज़िद करोगे तब
तुम को अपनी क़सम दिला देंगे
जीत लो दिल अगर गरीबों के
दामन-ए-दिल से ये दुआ देंगे
साथ तेरा अगर मिले 'गुलशन'
आशियाँ प्यार से सजा देंगे
— Gulshan















