मुझे तो देर तक रोका गया था
फिर उस के बा'द दिल तोड़ा गया था
मुझे ऐसे नहीं छोड़ा गया है
मैं पहले देर तक सोंचा गया था
किसी को किस तरह कैसे बताएँ
कि उस के साथ में क्या क्या गया था
कभी लौटा नहीं फिर सीने में दिल
उसे ऐसी जगह फेंका गया था
सभी भूखों के चेहरे खिल गए थे
कहीं रोटी सा कुछ बोला गया था
न जाने क्यूँ जला देते है उन को
के जिन को नाज़ से पाला गया था
सभी पिछली सफो में जल उठे थे
मैं अगली सफ में यूँ लाया गया था
जहाँ पर बंट गई थी माल ओ दौलत
तो फिर माँ बाप को बाँटा गया था
— Mohammad Aquib Khan















