us ped ko chhua to samar-daar ho gaya | उस पेड़ को छुआ तो समर-दार हो गया

  - Afzal Minhas
उसपेड़कोछुआतोसमर-दारहोगया
फिरजानेक्याहुआवोशरर-बारहोगया
मौसमकीभूलथीकिमिरीदस्तरसकीबात
पत्थरसेएकफूलनुमूदारहोगया
बिखरेहुएहैंदिलमेंमिरीख़्वाहिशोंकेरंग
अबमैंभीइकसजाहुआबाज़ारहोगया
इकबारमैंभीख़्वाबमेंबैठाथातख़्तपर
आँखेंखुलींतोऔरभीनादारहोगया
पहलेतोसरकोफोड़लियाउसकोदेखकर
फिरमैंभीएकरौज़न-ए-दीवारहोगया
वैसेतमामउम्रमिरीनींदमेंकटी
घरमेंनक़बलगीतोमैंबेदारहोगया
यारोयेज़िंदगीकामकाँभीअजीबहै
ता'मीरहोगयाकभीमिस्मारहोगया
लफ़्ज़ोंकेफूलआँचसीदेनेलगेमुझे
बेबाकआजशो'ला-ए-गुफ़्तारहोगया
दुश्मननज़रपड़ातोमिटींरंजिशेंतमाम
लड़नेकोसाराशहरहीतय्यारहोगया
मुजरिमबरीहुआतोकईक़त्लहोगए
बस्तीकाइकग़रीबगिरफ़्तारहोगया
'अफ़ज़ल'कुछइसतरहकीअचानकहवाचली
साँसेंबहालरखनाभीदुश्वारहोगया
  - Afzal Minhas
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Dushmani Shayari

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