मंज़रकेसाथसाथबदलनेलगाहूँमैं
रौशनहुएचराग़तोजलनेलगाहूँमैं
पौफूटनेमेंवक़्तहैजानाहैमुझकोदूर
सूरजसेपहलेघरसेनिकलनेलगाहूँमैं
हैरतनेमेरीआँखमेंइकख़्वाबरखदिया
चश्म-ए-सितारा-साज़मेंखुलनेलगाहूँमैं
मेराकमालदेखिएइसधूप-दश्तमैं
इकआइनेकाजिस्मउजलनेलगाहूँमैं
मंज़िलहीमेरीऔरहैरस्ताभीहैजुदा
क्यूँकारवाँकेसाथनिकलनेलगाहूँमैं
अबबाग़मेंक़यामसेकरनानहींगुरेज़
ख़ुशबूकेएतकाफ़कोचलनेलगाहूँमैं