भागतेसूरजकोपीछेछोड़करजाएँगेहम
शामकेहोतेहीवापसअपनेघरजाएँगेहम
काटनेकोएकशबठहरेहैंतेरेशहरमें
क्याबताएँसुब्हहोगीतोकिधरजाएँगेहम
धूपमेंफूलोंसामुरझाभीगएतोक्याहुआ
शहरसहोंटोंकेपैमानेतोभरजाएँगेहम
आजगर्दूंकीबुलंदीनापनेमेंमहवहैं
कलकिसीगहरेसमुंदरमेंउतरजाएँगेहम
ढूँडतेखोयाहुआचेहराकिसीशीशेमेंक्यूँँ
जानतेगरयेकिसाएसेभीडरजाएँगेहम
कुछहमाराहालभी'ख़ावर'हैकुंदनकीतरह
दुखकेशो'लोंमेंजलेंगेतोनिखरजाएँगेहम