फिरलौटकेआयाहूँतन्हाईकेजंगलमें
इकशहर-ए-तसव्वुरहैएहसासकेहर-पलमें
तूमिस्रकीमलिकाहैमैंयूसुफ़-ए-कनआँ'हूँ
अफ़्सोसमगरगुमहैंतफ़रीक़केदलदलमें
इंसानकीदुनियामेंइंसाँहैपरेशाँक्यूँँ
मछलीतोनहींहोतीबेचैनकभीजलमें
हरफ़िक्रकेचेहरेपरसौज़ख़्महैंमाज़ीके
इकलफ़्ज़नहींज़िंदाआवाज़केमक़्तलमें
चुटकीमेंमसलतेहैंतिनकेभीपहाड़ोंको
जबख़ूनसिमटताहैमज़लूमकेआँचलमें
फिरछोड़दियातन्हादुनियाने'ख़याल'हमको
फिरज़ेहनपरेशाँहैजज़्बातकीहलचलमें