जबमोहब्बतकाकिसीशयपेअसरहोजाए
एकवीरानमकाँबोलताघरहोजाए
मैंहूँसूरज-मुखीतूमेराहैदिलबरसूरज
तूजिधरजाएमिरारुख़भीउधरहोजाए
रंज-ओ-ग़मऐश-ओ-ख़ुशीजिसकेलिएएकहीहों
उम्रउसशख़्सकीशाहोंसीबसरहोजाए
जोभीदुखदर्दमुसीबतकापिएविषहँसकर
क्यूँँनसुक़रातकीसूरतवोअमरहोजाए
लौटआओजोकभीरामकीसूरततुमतो
मनकासुनसानअवधदीपनगरहोजाए
खाकेपत्थरभीजोमुस्कानबिखेरेहर-सू
बाग़-ए-आलमकावोफलदारशजरहोजाए
हमनेजानाहैयहीआकेजहाँमें'दरवेश'
होनाचाहेजोनहरगिज़वोबशरहोजाए