दर्द बड़ा है फ़ुर्क़त में
यही लिखा था किस्मत में
इश्क़ कोई अलग नशा है
नहीं जो दौलत शोहरत में
ख़ुद को अब के पा के आए
काम किया ये हिजरत में
शोहरत में सब साथ रहे
कोई नहीं ज़रूरत में
मैं ख़ुद ही मर जाऊँगा
इस आलम की सोहबत में
— Om Shukla
यही लिखा था किस्मत में
इश्क़ कोई अलग नशा है
नहीं जो दौलत शोहरत में
ख़ुद को अब के पा के आए
काम किया ये हिजरत में
शोहरत में सब साथ रहे
कोई नहीं ज़रूरत में
मैं ख़ुद ही मर जाऊँगा
इस आलम की सोहबत में
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