जिसेकलरातभरपूजागयाथा
वोबुतक्यूँँसुब्हकोटूटाहुआथा
अगरसचकीहक़ीक़तअबखुलीहै
तोजोअबतकनज़रआयाथाक्याथा
अगरयेतल्ख़ियोंकीइब्तिदाहै
तोअबतककौनसाअमृतपियाथा
खुलाहैमुझपेअबदुनियाकामतलब
मगरयेराज़पहलेभीखुलाथा
मैंजिसमेंहूँयेदुनियामुख़्तलिफ़है
जहाँमैंथावोआलमदूसराथा
मैंख़ुदकोमारकरपहुँचायहाँतक
तोयादआयाकिमैंतोमरचुकाथा
मिरीमैंऔरतिरीमैंदोनोंहारीं
मैंबंदाहूँमगरतूतोख़ुदाथा
मैंअबजोमुँहछुपाएफिररहाहूँ
तोक्यामैंवाक़ईचेहरा-नुमाथा