बुझादो
लहूकेसमुंदरकेउसपार
आइना-ख़ानोंमेंअबझिलमिलातेहुएक़ुमक़ुमोंकोबुझादो
किदिलजिनसेरौशनथाअबउनचराग़ोंकीलौबुझचुकीहै
मिटादो
मुनक़्क़शदर-ओ-बामकेजगमगाते
चमकतेहुएसबबुतोंकोमिटादो
किअबलौह-ए-दिलसेहरइकनक़्शहर्फ़-ए-ग़लतकीतरहमिटचुकाहै
उठादो
लहूकेजज़ीरेमें
बिफरीहुईमौतकेज़र्दपंजोंसेपर्दाउठादो
किअबइसजज़ीरेमें
लाशोंकेअम्बारबिखरेपड़ेहैं
फ़ज़ामेंहरइकसम्त
जलतेहुएख़ूनकीबूरचीहै
वोआँखेंजोअपनेबदनकीतरहसाफ़शफ़्फ़ाफ़थीं
अबउनदरख़्तोंपेबैठेहुएचीलकव्वोंगिधोंकीग़िज़ाबिनचुकीहैं
येसोलादिसम्बरकीबुझतीहुईशामहै
औरमैं
इसलहूकेजज़ीरेमेंजलताहुआआख़िरीआदमीहूँ