बुलंद-ओ-पस्तहक़ीक़तसेआश्नानहुआ
वोदिलकिजिसमेंकोईहर्फ़-ए-मुद्दआ'नहुआ
वोज़िंदादिलथामैंसहतारहाग़म-ए-दुनिया
उसीमेंजानदीलेकिनगुरेज़-पानहुआ
चलाजोशबकामुसाफ़िरतोइसअदासचला
किजबरुकातोदर-ए-सुब्हरूनुमानहुआ
तुम्हींबताओकिइसदिलकाक्याकियाजाए
जोचोटखाकेभीचोटोंसेआश्नानहुआ
सितारेतोड़लिएहमनेज़ुहद-ओ-तक़्वाके
मगरजोहक़्क़-ए-इबादतथावोअदानहुआ
चलेचलोकिअभीसुब्हकीसियाहीहै
सहरक़रीबहैताराकोईहुआनहुआ
'कलीम'दर्द-ए-मोहब्बतसमझमेंक्यूँँआए
वहीतोदर्दहैजोदर्द-ए-ला-दवानहुआ