एकजाहर्फ़-ए-वफ़ालिक्खाथासोभीमिटगया
ज़ाहिरनकाग़ज़तिरेख़तकागलत-बर-दारहै
जीजलेज़ौक़-ए-फ़नाकीना-तमामीपरनक्यूँँ
हमनहींजलतेनफ़सहरचंदआतिश-बारहै
आगसेपानीमेंबुझतेवक़्तउठतीहैसदा
हरकोईदरमांदगीमेंनालेसेनाचारहै
हैवहीबद-मस्ती-ए-हर-ज़र्राकाख़ुदउज़्र-ख़्वाह
जिसकेजल्वेसेज़मींताआसमाँसरशारहै
मुझसेमतकहतूहमेंकहताथाअपनीज़िंदगी
ज़िंदगीसेभीमिराजीइनदिनोंबे-ज़ारहै
आँखकीतस्वीरसर-ना
मेंपेखींचीहैकिता
तुझपेखुलजावेकिइसकोहसरत-ए-दीदारहै