मुज़्दाऐज़ौक़-ए-असीरीकिनज़रआताहै
दाम-ए-ख़ालीक़फ़स-ए-मुर्ग़-ए-गिरफ़्तारकेपास
जिगर-ए-तिश्ना-ए-आज़ारतसल्लीनहुआ
जू-ए-ख़ूँहमनेबहाईबुन-ए-हरख़ारकेपास
मुँदगईंखोलतेहीखोलतेआँखेंहैहै
ख़ूबवक़्तआएतुमइसआशिक़-ए-बीमारकेपास
मैंभीरुकरुककेनमरताजोज़बाँकेबदले
दशनाइकतेज़साहोतामिरेग़म-ख़्वारकेपास
दहन-ए-शेरमेंजाबैठेलेकिनऐदिल
नखड़ेहोजिएख़ूबान-ए-दिल-आज़ारकेपास
देखकरतुझकोचमनबस-किनुमूकरताहै
ख़ुद-ब-ख़ुदपहुँचेहैगुलगोशा-ए-दस्तारकेपास
मरगयाफोड़केसरग़ालिब-ए-वहशीहैहै
बैठनाउसकावोआकरतिरीदीवारकेपास