Mashvara Shayari Collection - Dil se nikle hue mashvare aur zindagi ki samajh

Mashvara Shayari reflects the art of giving advice, sharing wisdom, and expressing thoughtful guidance through poetry. These lines often carry life lessons, emotional insight, and practical understanding, blending dil ki baat with real-life experience. Whether it’s about love, relationships, or zindagi, mashvara shayari offers meaningful words that resonate deeply.

What is Mashvara Shayari?

Mashvara Shayari is a form of poetry that expresses advice, guidance, and thoughtful suggestions through emotional and meaningful lines. It often reflects life experiences and wisdom.

Mashvara Shayari in Hindi

Explore thoughtful mashvara shayari in Hindi filled with wisdom and real-life guidance.

मेरी ही जान के दुश्मन हैं नसीहत वाले मुझ को समझाते हैं उन को नहीं समझाते हैं — Lala Madhav Ram Jauhar
कुछ इस के सँवर जाने की तदबीर नहीं है दुनिया है तिरी ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर नहीं है — Hafeez Banarasi
अमान इक नसीहत है तुम को हमारी सही वक़्त पर दिल लगाओ कभी तुम — Amaan Pathan
अदू होते रहे अहबाब कैसी ये करिश्माई, इसी तदबीर में मैं रोज़ सुब्ह-ओ-शाम रहता था। — Ravi 'VEER'
कितनी परियों की नसीहत ले कर ऐसी आँखें बनाई जाती हैं — Upendra Bajpai
और मैं ने नसीहत भी दी थी गले लग बिछड़ते हैं तब अब बताओ न तुम बीच ही रास्ते से पलट आए हो — Piyush Sharma
तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है — Hafeez Banarasi
तुम सितारों के भरोसे पे न बैठे रहना अपनी तदबीर से तक़दीर बनाते जाओ — Sada Ambalvi
हिक्मत की बात क्या हो तमाशागरों के बीच उन से कलाम क्या जिन्हें हद्द-ए-अदब नहीं — Maqsood Wafa
अब छोड़ कर तन्हा मुझे मसरूफ़ है वो भी कहीं उस के लिए भी मैं फ़क़त तदबीर था तन्हाई का — Pushkar Tripathi
नसीहत अब हमें अच्छे की मत दो भले बनकर बहुत कुछ खो चुके हैं — Umesh Maurya
बुतों से माँगने पर क्या मिला है नसीहत हैं जुलैखा की दुआएँ — Afzal Sultanpuri

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Mashvara Shayari on Life

Read mashvara shayari on life that shares meaningful advice and practical insights.

ये नसीहत भी तुझे है दूर रहना देख मेरा हाल ही बीमार हूँ मैं — Sagar Sahab Badayuni
नसीहत तो क़िस्मत को देनी है अब उसे शक है मेहनत पे शायद मेरी — Shivam Mishra
ग़ज़ल काग़ज़- क़लम की शय नहीं है बुज़ुर्गों की नसीहत याद रखना — Saarthi Baidyanath
क्यूँ अकड़ के चलते हो तुम इस ज़मीं पर मोम के हो शाज़ ये हिकमत नहीं है — Meem Alif Shaz
किसी भी डॉक्टर से लो नसीहत या हकीमों से अगर मेरा मरीज़-ए-इश्क़ है तो मैं शिफ़ा दूँगा — Karal 'Maahi'
हो गई थी हमें मोहब्बत दोस्त फिर हमें खा गई नसीहत दोस्त — Vaseem 'Haidar'
मैं चौपाल से थोड़ी सी हिकमत ले आया हूँ घर की ख़ुशहाली के लिए उल्फ़त ले आया हूँ — Meem Alif Shaz
जानता हूँ कि बर्बाद हूँ मैं सो अब तू मिरा ग़म मना ले नसीहत न दे — Piyush Nishchal
जो तक़दीर लिखा सो होवे फिर तदबीर की पर्वा कैसी — Raushan miyaa'n
हुस्न नसीहत इश्क़ इबादत मेरे लिए सौदाई है तुम माहिर हो सब में जानाँ ग़ज़ब क़लंदरकारी है — Karal 'Maahi'

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Mashvara Shayari on Love and Relationships

Discover mashvara shayari offering advice on love, trust, and relationships.

उसे पाने का आसरा तक नहीं सो खोने की तदबीर है मेरे पास — gabruu govind
जहाँ पंखा चल रहा है वहीं रस्सी भी पड़ी है मुझे फिर ख़याल आया, अभी ज़िन्दगी पड़ी है — Zubair Ali Tabish
बाग़बाँ हम तो इस ख़याल के हैं देख लो फूल फूल तोड़ो मत — Jaun Elia
ख़याल में भी उसे बे-रिदा नहीं किया है ये ज़ुल्म मुझ सेे नहीं हो सका नहीं किया है — Ali Zaryoun
चला था ज़िक्र ज़माने की बे-वफ़ाई का सो आ गया है तुम्हारा ख़याल वैसे ही — Ahmad Faraz
इश्क़ में दिल मश्वरा न कर यूँ अना से रस्म-ए-वफ़ा की ये जानकार नहीं है — Meenakshi Masoom
मैं रोज़ रात यही सोच कर तो सोता हूँ कि कल से वक़्त निकालूँगा ज़िन्दगी के लिए — Swapnil Tiwari
माँ-बाबा का सोच के हर दम रुक जाता हूँ वरना तो इतने ग़म में मैं ने पंखे से टंग कर मर जाना था — Shashwat Singh Darpan
सफ़र हालाँकि तेरे साथ अच्छा चल रहा है बराबर से मगर एक और रास्ता चल रहा है — Shariq Kaifi
कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िन्दगी जैसे तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा — Ahmad Faraz
सिलवटें हैं मेरे चेहरे पे तो हैरत क्यूँँ है ज़िन्दगी ने मुझे कुछ तुम सेे ज़ियादा पहना — Ahmad Faraz

Pair these lines with love shayari to understand emotions in love more deeply.

Mashvara Shayari with Meaning

Meaningful mashvara shayari that explains deeper thoughts and life lessons clearly.

ज़िंदगी पर इस से बढ़ कर तंज़ क्या होगा 'फ़राज़' उस का ये कहना कि तू शाएर है दीवाना नहीं — Ahmad Faraz
तुम्हारा नाम आया और हम तकने लगे रास्ता तुम्हारी याद आई और खिड़की खोल दी हम ने — Munawwar Rana
अपना कंगन समझ रही हो क्या और कितना घुमाओगी मुझ को — Zubair Ali Tabish
काम की बात मैं ने की ही नहीं ये मेरा तौर-ए-ज़िंदगी ही नहीं — Jaun Elia
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में — Jaun Elia
कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा — Bashir Badr
मज़ा चखा के ही माना हूँ मैं भी दुनिया को समझ रही थी कि ऐसे ही छोड़ दूँगा उसे — Rahat Indori
जाने क्या सोच के वो दिल से लगा ली मैं ने सर के ऊपर से जो इक बात गुज़र जानी थी — Pallav Mishra
अब मेरी कोई ज़िंदगी ही नहीं अब भी तुम मेरी ज़िंदगी हो क्या — Jaun Elia
ज़िंदगी एक फ़न है लम्हों को अपने अंदाज़ से गँवाने का — Jaun Elia
गँवाई किस की तमन्ना में ज़िंदगी मैं ने वो कौन है जिसे देखा नहीं कभी मैं ने — Jaun Elia

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Mashvara Quotes and Thoughts

Short mashvara quotes and thoughtful lines to inspire better decisions.

अपनी दुनिया भी चल पड़े शायद इक रुका फ़ैसला किया जाए — Madan Mohan Danish
ज़िंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं और क्या जुर्म है पता ही नहीं — Krishna Bihari Noor
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे — Rahat Indori
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए — Bashir Badr
ज़िंदगी मेरी मुझे क़ैद किए देती है इस को डर है मैं किसी और का हो सकता हूँ — Azm Shakri
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है — Nida Fazli
वो न आएगा हमें मालूम था इस शाम भी इंतिज़ार उस का मगर कुछ सोच कर करते रहे — Parveen Shakir
हम दोनों मिल कर भी दिलों की तन्हाई में भटकेंगे पागल कुछ तो सोच ये तू ने कैसी शक्ल बनाई है — Jaun Elia
कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन फिर इस के ब'अद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर — Nida Fazli

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2 Line Mashvara Shayari

Simple two-line mashvara shayari for quick yet impactful advice.

बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं — Firaq Gorakhpuri
तुझ को सोचा तो पता हो गया रुसवाई को मैं ने महफूज़ समझ रखा था तन्हाई को — Waseem Barelvi
मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया — Sahir Ludhianvi
मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूँ वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो — Sahir Ludhianvi
जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया जो खो गया मैं उस को भुलाता चला गया — Sahir Ludhianvi
दर्द ऐसा है कि जी चाहे है ज़िंदा रहिए ज़िंदगी ऐसी कि मर जाने को जी चाहे है — Kaleem Aajiz
ये सोच कर कोई अहद-ए-वफ़ा करो हम सेे हम एक वादे पे 'उम्रें गुज़ार देते हैं — Waseem Barelvi
देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतने क़रीब से चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से — Sahir Ludhianvi
गर ज़िंदगी में मिल गए फिर इत्तिफ़ाक़ से पूछेंगे अपना हाल तिरी बेबसी से हम — Sahir Ludhianvi
ज़िंदगी ज़िंदा-दिली का है नाम मुर्दा-दिल ख़ाक जिया करते हैं — Imam Bakhsh Nasikh
क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा — Shakeel Badayuni
कोई पूछेगा जिस दिन वाक़ई ये ज़िंदगी क्या है ज़मीं से एक मुट्ठी ख़ाक ले कर हम उड़ा देंगे — Anwar Jalalpuri

Short Mashvara Shayari

Concise mashvara shayari with powerful meaning in just a few words.

कटती है आरज़ू के सहारे पे ज़िंदगी कैसे कहूँ किसी की तमन्ना न चाहिए — Shaad Arfi
अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन — Allama Iqbal
ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िंदगी नहीं जलता हुआ दिया हूँ मगर रौशनी नहीं — Behzad Lakhnavi
कुछ समझ में मिरी नहीं आता दिल लगाने से फ़ाएदा क्या है — Anwar Taban
ज़िंदगी है या कोई तूफ़ान है हम तो इस जीने के हाथों मर चले — Khwaja Meer Dard
समझ के आग लगाना हमारे घर में तुम हमारे घर के बराबर तुम्हारा भी घर है — Hafeez Banarasi
इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े — Kaifi Azmi
ज़िंदगी में कभी किसी को भी मैं ने चाहा नहीं मगर तुम को — Ambreen Haseeb Ambar
बिछड़ने का इरादा है तो मुझ से मशवरा कर लो मोहब्बत में कोई भी फ़ैसला ज़ाती नहीं होता — Afzal Khan
आएगा वो दिन हमारी ज़िंदगी में भी ज़रूर जो अँधेरों को मिटा कर रौशनी दे जाएगा — Anwar Taban
ख़ुद ही जाने लगे थे और ख़ुद ही रास्ता रोक कर खड़े हुए हैं — Ammar Iqbal
हाए क्या दौर-ए-ज़िंदगी गुज़रा वाक़िए हो गए कहानी से — Gulzar Dehlvi

Mashvara Shayari for WhatsApp Status

Share mashvara shayari as WhatsApp status to express advice and wisdom.

गए ज़माने की चाप जिन को समझ रहे हो वो आने वाले उदास लम्हों की सिसकियाँ हैं — Aanis Moin
कभी ख़िरद कभी दीवानगी ने लूट लिया तरह तरह से हमें ज़िंदगी ने लूट लिया — Hafeez Banarasi
ज़िंदगी फ़िरदौस-ए-गुम-गश्ता को पा सकती नहीं मौत ही आती है ये मंज़िल दिखाने के लिए — Hafeez Jalandhari
दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती इतनी ख़ूब-सूरत ये ज़िंदगी नहीं होती — Hastimal Hasti
बादल आए हैं घिर गुलाल के लाल कुछ किसी का नहीं किसी को ख़याल — Rangin Saadat Yaar Khan
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी — Parveen Shakir
मैं ने आबाद किए कितने ही वीराने 'हफ़ीज़' ज़िंदगी मेरी इक उजड़ी हुई महफ़िल ही सही — Hafeez Banarasi
वही है ज़िंदगी लेकिन 'जिगर' ये हाल है अपना कि जैसे ज़िंदगी से ज़िंदगी कम होती जाती है — Jigar Moradabadi
ज़िंदगी भर के लिए रूठ के जाने वाले मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ — Qaisar-ul-Jafri

Mashvara Shayari Captions for Instagram

Use mashvara shayari captions to share thoughtful advice on Instagram posts.

रकीबों की कही बातो पे झट से फ़ैसला कर के कहो अब क्या हुआ हासिल यूँँ हम को अलविदा कर के — Azhar
ज़िन्दगी पर लिख दिया था नाम मैं ने राम का और फिर दुख के समुंदर पार सारे हो गए — Tanoj Dadhich
कैसे किसी की याद हमें ज़िंदा रखती है एक ख़याल सहारा कैसे हो सकता है — Jawwad Sheikh
ख़ुद को इतना जो हवा-दार समझ रक्खा है क्या हमें रेत की दीवार समझ रक्खा है — Haseeb Soz
अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं — Jawwad Sheikh
मैं इस ख़याल से जाते हुए उसे न मिला कि रोक लें न कहीं सामने खड़े आँसू — Jawwad Sheikh
ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए — Aadil Rasheed

FAQs

You can use Mashvara Shayari in WhatsApp status, Instagram captions, or personal messages to share thoughtful advice or life lessons with others.
No, it can also include advice about love, relationships, decisions, and personal growth, depending on the context of the poetry.
Mashvara Shayari focuses more on giving practical advice and thoughtful suggestions, while motivational shayari aims to inspire and boost confidence.
Yes, many mashvara shayari lines are emotional because they come from personal experiences and deep understanding of life situations.
Yes, Mashvara Shayari is commonly written in Hindi, Urdu, and Hinglish, but it can also be expressed in English while maintaining its essence.
People read Mashvara Shayari to gain insight, reflect on life, and understand situations better through poetic advice and meaningful words.