Top 20 Nazar Shayari

Nazar shayari beautifully captures the silent language of eyes, where emotions are expressed without words. From ishq-filled glances to unspoken feelings, these verses reflect how a simple nazar can reveal deep connections. Perfect for expressing love, attraction, and hidden emotions through poetic lines.

नज़र आए न तू जिन को परेशानी से मरते हैं जो तुझ को देख लेते हैं वो हैरानी से मरते हैं — Varun Anand
हुस्न सब को ख़ुदा नहीं देता हर किसी की नज़र नहीं होती — Ibn E Insha
मंज़िलों का कौन जाने रहगुज़र अच्छी नहीं उस की आँखें ख़ूब-सूरत है नज़र अच्छी नहीं — Abrar Kashif
ईद के बा'द वो मिलने के लिए आए हैं ईद का चाँद नज़र आने लगा ईद के बा'द — Unknown
वो दिल-नवाज़ है लेकिन नज़र-शनास नहीं मिरा इलाज मिरे चारा-गर के पास नहीं — Nasir Kazmi
आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही — Jaleel Manikpuri
कभी ज़िन्दगी से यूँँ न चुराया करो नज़र कि मौजूद भी रहो तो न आया करो नज़र — S M Afzal Imam
जब भी तिरी क़ुर्बत के कुछ इम्काँ नज़र आए हम ख़ुश हुए इतने कि परेशाँ नज़र आए — Sadique Naseem
नज़र न आए मुझे हुस्न के सिवा कुछ भी वो बे-वफ़ा भी अगर है तो बे-वफ़ा न लगे — Hasan naim
ये इम्तियाज़ ज़रूरी है अब इबादत में वही दुआ जो नज़र कर रही है लब भी करें — Abhishek shukla
हम भी ख़ुद को तबाह कर लेते तुम इधर भी निगाह कर लेते — Behzad Lakhnavi
दिल सोज़ से ख़ाली है निगह पाक नहीं है फिर इस में अजब क्या कि तू बेबाक नहीं है — Allama Iqbal
किस से जा कर माँगिये दर्द-ए-मोहब्बत की दवा चारा-गर अब ख़ुद ही बेचारे नज़र आने लगे — Shakeel Badayuni
सलीक़ा तो नहीं मालूम हम को दीद का लेकिन झुकाती है नज़र को जब नज़र भर देखते हैं हम — Sandeep dabral 'sendy'
तुझ तक आने का सफ़र इतना भी आसाँ तो न था तू ने फेरी है नज़र हम सेे जिस आसानी से — Mohit Dixit
निगाह-ए-शोख़ का क़ैदी नहीं है कौन यहाँ किसे तमन्ना नहीं फूल चूमने को मिले — Aks samastipuri