हरेहैंज़ख़्मकुछइसतरहभीमिरेसरके
तमामउम्रउठाएहैंनाज़पत्थरके
लहू-लुहानहुआहैमिराबदनयूँँभी
पकड़नपायाकभीहाथमैंसितमगरके
बसएकहर्फ़-ए-मुक़र्ररकेजुर्ममेंहमने
ज़बाँपेवारहज़ारोंसहेहैंख़ंजरके
वोलोगलायागयाहैजिन्हेंबराबरमें
किसीतरहभीनहींथेमिरेबराबरके
कुछऐसेज़ख़्मभीसरकोझुकाकेखाएहैं
जोमिरेबख़्तकेथेऔरनथेमुक़द्दरके
यहीउतारेंगेमंज़िलपेएकदिनमुझको
येजितनेज़ख़्महैंपाँवमेंमिरेठोकरके
'नबील'आजवोसरपेसवारहैंमेरे
जोलोगघरमेंबसाएथेमैंनेबाहरके