तुम से अगर मिले वो कहना उदास हूँ मैं
जितना उदास है वो उतना उदास हूँ मैं
उस को भी देख कर ये दिल ख़ुश नहीं हुआ है
इस बात से समझ लो कितना उदास हूँ मैं
वो जब मुझे मिला था इतनी ख़ुशी नहीं थी
खोने के बा'द उस को जितना उदास हूँ मैं
मेरी ख़ुशी की ख़ातिर छोड़ी है जिस ने दुनिया
इक ख़त उसे लिखो तुम लिखना उदास हूँ मैं
जो छोड़कर गए हैं इक बात वो भी सुन लें
तन्हा नहीं हूँ अब भी माना उदास हूँ मैं
— Neeraj jha















