आई उस की याद अफ़सोस
ग़म, मुबारकबाद, अफ़सोस
ढ़ह गई कमज़ोर बिल्डिंग
इश्क़-ए-बे-बुनियाद अफ़सोस
सीखने की उम्र में तुम
बनते हो उस्ताद अफ़सोस
क़ाबिले ता'रीफ़ दीवान
शे'र सब बे-दाद अफ़सोस
औरतों की ज़िन्दगी भी
आदमी, औलाद, अफ़सोस
क्यूँ नहीं करते मुझे याद
इश्क़ की फरियाद, अफ़सोस
मेरे घर के तीन एड्रेस
ग़ाज़ियाबाद, आद, अफ़सोस
— Abuzar kamaal















