चंदहर्फ़ोंनेबहुतशोरमचारक्खाहै
या'नीकाग़ज़पेकोईहश्रउठारक्खाहै
मुझकोतोअपनेसिवाकुछनज़रआताहीनहीं
मैंनेदीवारोंकोआईनाबनारक्खाहै
आपकेपाँवतलेसेभीखिसकतीहैज़मीं
आपनेक्यूँँयेफ़लकसरपेउठारक्खाहै
मुसहफ़-ए-ज़ातकीतफ़्सीरहैयेगहरीचुप
चुपहीमअ'नीहैमियाँहर्फ़मेंक्यारक्खाहै
मुझपेतोभारीनहींकोईशब-ए-हिज्रमुझे
ज़ख़्मोंनेसर्वचराग़ानबनारक्खाहै
मेराहरकामक़यामतहीउठादेताहै
तूनेहरकामक़यामतपेउठारक्खाहै
गुलशन-ए-दिलअभीशादाबहैपज़मुर्दानहीं
मौसम-ए-ग़मनेउसेकितनाहरारक्खाहै