मंज़िलपेपहुँचनेकामुझेशौक़हुआतेज़
रस्तामिलादुश्वारतोमैंऔरचलातेज़
हाथोंकोडुबोआएहोतुमकिसकेलहूमें
पहलेतोकभीइतनानथारंग-ए-हिनातेज़
मुझकोयेनदामतहैकिमैंसख़्त-गुलूथा
तुझसेयेशिकायतहैकिख़ंजरनकियातेज़
चलमैंतुझेरफ़्तारकाअंदाज़सिखादूँ
हम-राहमिरेसुस्त-क़दममुझसेजुदातेज़
अफ़्सुर्दगी-ए-गुलपेभरींकिसनेयेआहें
चलतीहैसर-ए-सहन-ए-चमनआजहवातेज़
अबमुझकोनज़रफेरकेइकजामदेसाक़ी
फिरकौनसँभालेगाअगरनश्शाहुआतेज़
इंसानकेहरग़मपे'सबा'चोटलगीहै
शीशेकेचटख़नेकीभीथीकितनीसदातेज़