हैं अज़ीयत को पालने वाले
हम उदासी सँभालने वाले
देख मैं आज सब के दिल में हूँ
मुझ को दिल से निकालने वाले
अपनी पगड़ी सँभाल कर चलना
सबकी पगड़ी उछालने वाले
और कल ही अगर नहीं आया
ज़िन्दगी कल पे टालने वाले
है मुसीबत ये इश्क़ गर तो आप
हैं मुसीबत में डालने वाले
— Sanjay shajar















