ऊपर से वो बिल्कुल भोला भाला है
लेकिन अंदर से उस का दिल काला है
दुश्मन के हाथों में तो हैं तलवारें
मेरे हाथों में फूलों की माला है
उस को अपने दिल में क़ैद किया मैं ने
अब इस दिल के दरवाज़े पर ताला है
तू ने जिस को सच्चे मन से प्यार किया
सोचो तो वो कितना किस्मत वाला है
बेटे को महँगे जूते दिलवाए और
पापा के पैरों में अब भी छाला है
जब भी मैं ने अपने दिल का हाल कहा
तू ने तब तब मुझ को हँस के टाला है
— Sanskar Shrivastav















