तू मेरी तक़दीर न बन
ख़्वाबों की ता'बीर न बन
हार गले का बन जा तू
पा की तू ज़ंजीर न बन
कर देती है जो हिस्से
ऐसी तू शमशीर न बन
जो चुभता है सीने में
ऐसा कोई तीर न बन
मिट जाए आसानी से
ऐसी तू तहरीर न बन
रोना आए रोया कर
हँसती सी तस्वीर न बन
ले डूबेगी 'सलमा' ये
हर पल तू दिलगीर न बन
— Salma Malik















