ख़ुश्बूहैकभीगुलहैकभीशम्अ'कभीहै
वोआतिश-ए-सय्यालजोसीनेमेंभरीहै
बादा-तलबीशौक़कीदरयूज़ा-गरीहै
सद-शुक्रकितक़दीरहीयाँतिश्ना-लबीहै
ग़ुंचोंकेचटकनेकासमाँदिलमेंअभीहै
मिलनेमेंजोउठउठकेनज़रउनकीझुकीहै
अबज़ब्तसेकहदेकियेरुख़्सतकीघड़ीहै
ऐवहशत-ए-ग़मदेरसेक्यासोचरहीहै
मासूमहैयादउनकीभटकजाएनरस्ता
ख़ूँ-गश्तातमन्नाओंकीक्यूँँभीड़लगीहै
यादोंसेकहोसोला-सिंगारआजकराएँ
आईना-ब-कफ़हसरत-ए-दीदारखड़ीहै
लबसीलिएअंदेशा-ए-दुश्नाम-ए-जहाँसे
अबअपनीख़मोशीहीइकअफ़्सानाबनीहै
ठहरीहैतोइकचेहरेपेठहरीरहीबरसों
भटकीहैतोफिरआँखभटकतीहीरहीहै