bargashta aur vo but-e-be-peer ho na jaa.e | बरगश्ता और वो बुत-ए-बे-पीर हो न जाए

  - Yagana Changezi
बरगश्ताऔरवोबुत-ए-बे-पीरहोजाए
उल्टीकहींदु'आओंकीतासीरहोजाए
दिलजलकेख़ाकहोतोफिरइक्सीरहोजाए
जाँ-सोज़होंजोनालेतोतासीरहोजाए
किससादगीसेमुजरिमोंनेसरझुकालिया
महजूबक्यूँँवोमालिक-ए-तक़दीरहोजाए
दस्त-ए-दुआ'तकउठसकेफ़र्त-ए-शर्मसे
यारबकिसीसेऐसीभीतक़्सीरहोजाए
मस्तोंकीठोकरऔरमिरासरहैसाक़िया
दुश्मनकिसीकायूँँफ़लक-ए-पीरहोजाए
उठनेहीकोहैबीचसेपर्दाहिजाबका
महफ़िलतमामआलम-ए-तस्वीरहोजाए
ग़फ़लतकीजियोकभीक़ातिलकीयादमें
दिलकोईकमीतह-ए-शमशीरहोजाए
बैठाहैलौलगाएकोईतेग़-ए-नाज़से
क़ातिलकिसीकेकाममेंताख़ीरहोजाए
जल्दीसुबूकोतोड़केसाग़रबनालेअब
साक़ीइसअम्र-ए-ख़ैरमेंताख़ीरहोजाए
नालोंनेज़ोरबाँधाहैफिरपिछलीरातसे
चर्ख़चलतेचलतेकोईतीरहोजाए
दिलसेबहुतशिकायतेंकरतेहोयारकी
देखोक़लमसेकुछकभीतहरीरहोजाए
सैर-ए-चमनसेदिललगाओचलेचलो
फ़स्ल-ए-बहारपाँवकीज़ंजीरहोजाए
अंजाम-कारपरनहींकुछइख़्तियार'यास'
तक़दीरसेख़जिलमिरीतदबीरहोजाए
  - Yagana Changezi
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Saadgi Shayari

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