पलकोंपेरुकाक़तरा-ए-मुज़्तरकीतरहहूँ
बाहरसभीबेचैनमैंअंदरकीतरहहूँ
बाहरसमिरेजिस्मकीदीवारखड़ीहै
अंदरसेमैंइकटूटेहुएघरकीतरहहूँ
नज़रोंसेगिरादोकिमुझेदेवतामानो
पत्थरकेतराशेहुएपैकरकीतरहहूँ
छाईहैंमिरेसरपेसियह-पोशघटाएँ
मैंसुब्हमेंभीशामकेमंज़रकीतरहहूँ
अंदरकीचटानोंसेनटकराकेबिखरजाऊँ
मैंबिफराहुआख़ुदपेसमुंदरकीतरहहूँ
तुमजल्वा-नुमाहोतोखुलीहैंमिरीआँखें
आलिपटोबदनसेतोमैंचादरकीतरहहूँ
रहताहैकहींजिस्मभटकतीहैकहींरूह
घरमेंहूँमगरआजमैंबे-घरकीतरहहूँ
अक़दारकीउठतीहुईदीवारमेंचुनलो
रस्तेमेंपड़ामैंकिसीपत्थरकीतरहहूँ