वो ऐसे रूठे नहीं पहले मुझ सेे बात करे
गर उस को चाहिए महताब तो यूँ हाथ करे
था जिस से तुम ने मिलाया उसी ने मुझ से कहा
कि तुम वो काम करो जो कि मुश्किलात करे
मुझे पसंद नहीं मंज़िलों को यूँ पाना
सफ़र है ज़िंदगी सो इस को ता-हयात करे
कभी भी कुछ नहीं मैं माँगता सो बदले में बस
वो मुझ को चाहने लग जाए क़ायनात करे
— Ayush Aavart















