ये वा'दा कर यही होकर रहेगा

तू मेरा आख़िरी होकर रहेगा

नज़ारा कैसा होगा सोचो तुम जब
सितारा आदमी होकर रहेगा

ख़ुदा ने है नया पैगाम भेजा
फ़लक अब इक नदी होकर रहेगा

बुरा क्या कह दिया ये बल्ब तो अब
है कहता चाँदनी होकर रहेगा

नहीं लूँगा मैं अपना हिस्सा फिर भी
ये झगड़ा आपसी होकर रहेगा

तुझे हम जंगलों में आएँगे छोड़
अगर तू जंगली होकर रहेगा

ये ज़िद करने लगा तकिया भी मेरा
कि ये भी शा'इरी होकर रहेगा

कि उस ने लिख दिया जो ज़िंदगी में
बदल लो कितना भी होकर रहेगा

पढ़ाई नौकरी ही दे न पाई
घड़ी का मिस्तरी होकर रहेगा

मेरा दिल प्यार का रहता है भूखा
हमेशा लालची होकर रहेगा

समुंदर में था दिल जाने से डरता
मगर अब जलपरी होकर रहेगा

हवा दीपक बनेगी और दीपक
हवा सौ फ़ीसदी होकर रहेगा

बग़ावत कर ली आख़िर दिल ने मुझ से
क़सम खा ली दुखी होकर रहेगा

— Ayush Aavart

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