फ़ैसला तुम ने किया है फिर ठीक है

ये तिरे दिल की सदा है फिर ठीक है

है अगर ईनाम तो नामंज़ूर है
हिज्र गर मेरी सजा है फिर ठीक है

यार हम से हो नहीं पाएगी वफ़ा
तू अगरचे बे-वफ़ा है फिर ठीक है

वो ख़ुदा जिस का मुहब्बत पैग़ाम है
वो तुम्हारा भी ख़ुदा है फिर ठीक है

सच कहूँ तो बात कहने की थी नहीं
पर अगर तुम ने कहा है फिर ठीक है

होश वाले तो नहीं करते इश्क़ अब
तू अगर पगला गया है फिर ठीक है

बात दुख की है किसी का बुझना मगर
रात भर जल कर बुझा है फिर ठीक है

— Farrukh Nadeem

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