बे-वफ़ा से वफ़ा करोगे क्या
इश्क़ की इंतेहा करोगे क्या
मैं तुम्हें भूल जाऊँ इतनी ही
मेरे हक़ में दुआ करोगे क्या
तुम मेरे दर्द बांट तो लोगे
लेकिन इस दर्द का करोगे क्या?
अब मुझे छोड़ने से पहले भी
मुझ से ही मशवरा करोगे क्या
जो भी आया वो छोड़ कर ही गया
तुम भी इस के सिवा करोगे क्या
— Ritik Bhatt 'ghulam'















