हमेशा के लिए ही लोग दिल में कब समाते हैं
वो आते है तो आते हैं वो जाते है तो जाते हैं
अँधेरा हो उजाला हो सुब्ह हो या कहीं हो शाम
दिखे या ना दिखे लेकिन सितारे जगमगाते हैं
कोई ख़ूबी नहीं हम में मगर इतने तो अच्छे है
कि गर वा'दा कोई करलें तो फिर उस को निभाते हैं
अगर टूटे कोई रिश्ता कोई ग़म में नहीं मरता
मैं अब भी मुसकुरता हूँ वो अब भी मुस्कुराते हैं
'ग़ुलाम' अब वो नहीं तो कौन तेरी बात सुनता है
सुखन तेरे लुभाते है तो अब किस को लुभाते हैं
— Ritik Bhatt 'ghulam'















