किस ने सोचा था बारहा होगा
इश्क़ होना भी सिलसिला होगा
पहले पन्ने पे जब लिखा हो इश्क़,
जान जाती हूँ आगे क्या होगा
इश्क़ होने की क्यूँ दुआ दे दी,
अब मेरे साथ हादसा होगा
जान देने की बात करता है,
या तो आशिक़ या सरफिरा होगा
प्यार की बात मैं ने जब छेड़ी,
लोग समझे मुझे हुआ होगा
— Ritika reet















