जहाँ कुछ लोग दिल को मोम से पत्थर बनाते हैं
वहीं कुछ लोग उस पत्थर के दिल में घर बनाते हैं
जो सीधे छोड़ जाते हैं वो अच्छे लोग है फिर भी
बुरे वो हैं जो दिल में छोड़ने का डर बनाते हैं
वो इक घर याद है तुम को जो हम हर दिन बनाते थे
बनाते अब भी हैं उस को मगर रो कर बनाते हैं
वो शायद थक गई है अब हमारा हाल बद कर के
सो हम ने ले लिया ज़िम्मा उसे बदतर बनाते हैं
— Santy sharma















