हम लोगों में कुछ ही अंतर होता है
कुछ लोगों का दिल ही पत्थर होता है
जाओ उस के सीने से लग कर देखो
बरसों का दुख जिस के अंदर होता है
हँसते हँसते रो पड़ता है अक्सर, जब
इक दूजे के काँधे पे सर होता है
— Satendra Bijalwan
कुछ लोगों का दिल ही पत्थर होता है
जाओ उस के सीने से लग कर देखो
बरसों का दुख जिस के अंदर होता है
हँसते हँसते रो पड़ता है अक्सर, जब
इक दूजे के काँधे पे सर होता है
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