मेरा यार दुनिया में सब सेे हसीं है
बड़ा ख़ूब-सूरत बड़ा दिलनशीं है
अगर उस की ज़ुल्फ़ें हैं काली घटा सी
तो सूरत भी कुछ चाँद से कम नहीं है
भला और क्या अब मैं माँगू ख़ुदा से
फ़लक सर पे, पैरों के नीचे ज़मीं है
उसे रब ने मेरे लिए ही बनाया
ये मेरा यक़ीं है,ये मेरा यक़ीं है
उसे देख कर इतना मदहोश हूँ मैं
निगाहें कहीं हैं, निशाना कहीं है
तुम्हारे बिना अब नहीं है गुज़ारा
जहाँ तुम हो अब मेरी दुनिया वहीं है
निगाहों से इक बार बोसा लिया था
तसव्वुर में हर वक़्त उस की जबीं है
ख़यालों में जिस के मैं खोया हूँ तलहा
वो इक गुल-बदन बा-हया नाज़नीं है
— Talha Lakhnavi















