लोग हम सेे वफ़ा नहीं करते
हम भी तो अब गिला नहीं करते
ग़म ने हम को यही सिखाया है
हँसता चेहरा रखा नहीं करते
उन को पाना नहीं है आसाँ पर
हम भी सब को मिला नहीं करते
फिर उन्हें याद कर रहे हो तुम
ज़ख़्म-ए-दिल यूँ हरा नहीं करते
— Vineet Dehlvi
हम भी तो अब गिला नहीं करते
ग़म ने हम को यही सिखाया है
हँसता चेहरा रखा नहीं करते
उन को पाना नहीं है आसाँ पर
हम भी सब को मिला नहीं करते
फिर उन्हें याद कर रहे हो तुम
ज़ख़्म-ए-दिल यूँ हरा नहीं करते
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