शिकस्ता दिल की चाहत कौन करता हैहमारे घर में बरकत कौन करता हैनहीं है हाफ़िज़े का हिस्सा कोई भीहलक में बैठे हरकत कौन करता हैलगी है आग मेरे ग़म को बारिश मेंबुझाने की इजाज़त कौन करता हैअगर सब कुछ बता दोगे रखी पिस्तौलडरा के यूँंँ हिफ़ाज़त कौन करता है— Vishal Jha