असीर-ए-जिस्महूँदरवाज़ातोड़डालेकोई
गिरापड़ाहूँकुएँमेंमुझेनिकालेकोई
मैंअपनेआपमेंउतराखड़ाहूँसदियोंसे
क़रीबआकेमिरेमेरीथाहपालेकोई
मैंजंगलोंमेंदरिंदोंकेसाथरहतारहा
येख़ौफ़हैकिअबइंसाँनआकेखालेकोई
शिकस्ताकश्तीकेतख़्तेपेसोरहाहूँमैं
थपेड़ामौजोंकाआकरमुझेजगालेकोई
दहान-ए-ज़ख़्मतलकखिंचकेआचुकाहैअब
मैंमुंतज़िरहूँयेज़हराबचूसडालेकोई
ज़मीनप्यासीहैतनमेंलहूनहींबाक़ी
हमाराबोझबहुतकमहैअबउठालेकोई
यक़ींनहींहैकिसीकोमिरेबिखरनेका
कसीफ़ज़ेहनोंकेकरजाएसाफ़जालेकोई