rulva ke mujh ko yaar gunahgaar kar nahin | रुलवा के मुझ को यार गुनहगार कर नहीं

  - Agha Hajju Sharaf
रुलवाकेमुझकोयारगुनहगारकरनहीं
आँखेंहैंतरतोहोंमिरादामनतोतरनहीं
उम्मीद-ए-वस्लसेभीतोसदमाकमहुआ
क्यादर्दजाएगाजोदवाकाअसरनहीं
दिनकोभीदाग़-ए-दिलकीकमहोगीरौशनी
येलौहीऔरहैयेचराग़-ए-सहरनहीं
तन्हाचलेंहैंमारका-ए-इश्क़झेलने
उनकीतरफ़ख़ुदाईहैकोईइधरनहीं
ख़ालीसफ़ाई-क़ल्बसेबेहतरहैदाग़-ए-इश्क़
क्याऐबहैकिजिसकेमुक़ाबिलहुनरनहीं
क़ातिलकीराहदेखलेदमभरज़हरखा
दिलक़ज़ाकोआनेदेबे-मौतमरनहीं
क्यूँँकरयहाँएकहीकरवटपड़ारहूँ
हूँकामक़ामगोरकीमंज़िलहैघरनहीं
रन-खनपड़ेंगेजबकहींदिखलाएगावोशक्ल
बे-किश्त-ए-ख़ूँहुईयेमुहिमहोकेसरनहीं
आँखेंझपकरहीहैंमिरीबर्क़-ए-हुस्नसे
पेश-ए-नज़रहोतुममुझेताब-ए-नज़रनहीं
यारोबताओकिसतरफ़आँखेंबिछाऊँमैं
उसशोख़कीकिधरकोहैआमदकिधरनहीं
बंदा-नवाज़सबहैंरुकूसुजूदमें
ताअतसेग़ाफ़िलआपकीकोईबशरनहीं
परियोंकेपासजाऊँमैंक्यूँँदिलकोबेचने
सौदाजोमोललूँयेमुझेदर्द-ए-सरनहीं
दर्द-ए-फ़िराक़-ए-यारसेदोनोंहैंबे-क़रार
क़ाबूमेंदिलनहींमुतहम्मिलजिगरनहीं
राह-ए-अदममेंसाथरहेगीतिरीहवस
पर्वानहींहोजोकोईहम-सफ़रनहीं
ख़ल्वत-सरा-ए-यारमेंपहुँचेगाक्याकोई
वोबंद-ओ-बस्तहैकिहवाकागुज़रनहीं
उठवाकेअपनीबज़्मसेदिलकोमिरेतोड़
पहलूमेंदेकेजामुझेबर्बादकरनहीं
हस्तीकिधरहैआलम-ए-अर्वाहहैकहाँ
ग़फ़लत-ज़दाहूँमुझकोकहींकीख़बरनहीं
ज़ंजीरउतरगईतिरादीवानामरगया
सन्नाटाक़ैद-ख़ानेमेंहैशोर-ओ-शरनहीं
चंद्राकेमुझकोबोलेवोआख़िरजोशबहुई
फ़क़होगयाहैरंगकिसीकासहरनहीं
बरपाहैहश्र-ओ-नश्रजोरफ़्तार-ए-यारसे
येकौनसाचलनहैक़यामतअगरनहीं
दुर्र-ए-नजफ़तोजिस्महैउसनाज़नीनका
मू-ए-नजफ़मेंबालपड़ाहैकमरनहीं
दीदारकालगाकेमैंआयाहूँआसरा
उम्मीद-वारहूँमुझेमायूसकरनहीं
यारोसितमहुआहुईआख़िरशब-ए-विसाल
सीना'शरफ़'येकूटरहेहैंगजरनहीं
  - Agha Hajju Sharaf
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