होश मेरा उड़ा दीजिए
हमनशीं मुसकुरा दीजिए
छीन कर इश्क़ में दिल मेरा
दिल की क़ीमत बढ़ा दीजिए
ईद में दीद हो चाँद की
रुख़ से घूँघट हटा दीजिए
नक़्श-ए-निस्बत न बाक़ी रहे
ख़त मेरे सब जला दीजिए
कर ही लूँगा मैं हासिल जहाँ
आप बस हौसला दीजिए
भीड़ से रहनुमा ने कहा
मुझ को भी रास्ता दीजिए
अब दग़ा को दुआ कीजिए
नुक़्ता जस्सर हटा दीजिए
— Avtar Singh Jasser















