main to hairaan hooñ kis tarah kate raah-e-hayaat | मैं तो हैरान हूँ किस तरह कटे राह-ए-हयात

  - Daud Ghazi
मैंतोहैरानहूँकिसतरहकटेराह-ए-हयात
इकनयामोड़बहर-गामउभरआताहै
सर-ए-तारीकी-ए-शबखुलजोगयाआख़िर-ए-शब
फिरनयाराज़ब-हर-सुब्हनिखरआताहै
जाँचताफिरताहूँमाज़ीकेखंडरहसरतसे
देखताफिरताहूँहरनक़्श-ए-हसींहैरतसे
सोचताफिरताहूँकौनआयाथाकबआयाथा
उसजगहसाथलिएकाविश-ए-तकमील-ए-हयात
ढूँढताफिरताहूँशायदकियेमाज़ीकेनुक़ूश
कुछपतादेंकिशबरोज़बताऊँक्यूँँकर
ग़मकेक़ाबिलमैंख़ुदअपनेकोबनाऊँक्यूँँकर
नितनएग़मकेगिराँ-बारउठाऊँक्यूँँकर
दूरइकहुस्नकापंछीसानज़रआताहै
क़ैदकरलूँउसेशायदकिबहलजाएयेदिल
दिलकीआवाज़थकी-हारीफ़सुर्दाबोझल
जिसनेतख़ईलकीदुनियामेंमचादीहलचल
मैंकोईतिफ़्लनहींहूँकिबहलजाऊँगा
करोक़ैदमुझेहुस्नकेबहलाओंमें
इकनज़रझाँककेदेखोमिरीआशाओंमें
तुमहीख़ुदशर्मसेहोजाओगेपानीपानी
एकबेबसकोमगरदेतेहोक्यूँँऐसाफ़रेब
अबमैंकिसरहमेंग़म-ए-दिलकामुदावाढूँडूँ
अन-गिनतफ़िक्रकीराहेंनज़रआतीहैंमुझे
इकनयामोड़ब-हर-गामउभरआताहै
औरहरमोड़नज़रआताहैकितनादिलकश
जन्नत-ए-क़ल्ब-ओ-नज़रचाँद-सितारोंकाजहाँ
जैसेअंदाज़-ए-सबाजैसेबहारोंकाजहाँ
जैसेजादूभरेनैनोंकेनिगारोंकाजहाँ
जैसेमा'सूमनिगाहोंमेंइशारोंकाजहाँ
जैसेफूलोंभरीशाख़ोंपेशरारोंकाजहाँ
उफ़मैंकिसरहमेंग़म-ए-दिलकामुदावाढूँडूँ
किसतरफ़जाऊँकिसेदिलसेलगाएरक्खूँ
ज़िंदगीभरकिफिरउसज़ीस्तकोजन्नतसमझूँ
हर-दमएकएकनफ़सचाहेजिधरजाकेरहूँ
कौनइसज़ीस्तकोकरसकताहैमहदूद-ओ-मुक़ीम
उसकीएकएकअदाबर्क़-सिफ़तशो'ला-नफ़स
जीरहाहूँनईउम्मीदलिएहरइकपल
ग़मलिएदिलमेंकिमैंक्याबनाक्यूँँबना
ख़ुशहूँहरग़मसेकिइदराककीसौग़ातहैये
सोचलेताहूँकिमैंक्याहूँयहीक्याकमहै
  - Daud Ghazi
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