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मिरे दिल से तिरे दिल तक सफ़र है  - Dua Ali

मिरे दिल से तिरे दिल तक सफ़र है
मोहब्बत की कहानी मुख़्तसर है

कहोगे क्या इसे ऐ बख़िया-गर तुम
ये इक आँसू है या तार-ए-नज़र है

रगें पैरों की जैसे मुंजमिद हैं
तमाशाई बनी इक रहगुज़र है

उदासी मुस्तक़िल मेहमाँ है दिल की
ख़बर ख़ुशियों की इस पर बे-असर है

उधर रंगीं-बयानी ज़ोर पर है
इधर दुनिया-ए-दिल ज़ेर-ओ-ज़बर है

'दुआ' दुख की फ़रावानी में सुख है
मुझे रास आता हर दुख ताज़ा-तर है

Dua Ali
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