कभी पाया वहाँ सब कुछ, जहाँ मुमकिन लगा खोनाकभी हँसना पड़ा भारी, बड़ा आसान था रोनासिखाया है मुझे, शागिर्द ने मेरे सबक़ ऐसाभला है कुछ बुरा होना, बुरा है हद भला होनामिलावट ही, ज़माने का बना दस्तूर है रेणूनहीं बन पाएगा ज़ेवर, कि है ख़ालिस अगर सोना— Renuka Vyas