फ़लककीगर्दिशेंऐसीनहींजिनमेंक़दमठहरे
सकूँदुश्वारहैक्यूँँकरतबीअतकोईदमठहरे
क़ज़ानेदोस्तोंसेदेखिएआख़िरकियानादिम
किएथेअहद-ओ-पैमाँजिसक़दरवोकुलअदमठहरे
छुआतूनेजिसेमाराउसेऐअफ़ई-ए-गेसू
येसबतिरयाक़मेरेतजरबाकरनेमेंसमठहरे
कियाजबग़ौरकोसोंदूरनिकलीमंज़िल-ए-मक़्सद
कभीगरपा-ए-शलउट्ठेतोचलकरदोक़दमठहरे
लगाकरदिलजुदाहोनानथीशर्त-ए-वफ़ासाहब
ग़म-ए-फ़ुर्क़तकीशिद्दतसेकरमजौर-ओ-सितमठहरे
जोकुछदेखावोआईनाथाआनेवालीहालतका
जहाँदेखायहीआँखोंकेकांसेजाम-ए-जमठहरे
अमलकहनेपेअपनेहज़रत-ए-वाइज़करेंपहले
गुनहकेमो'तरिफ़जबहैंतोवोकबमोहतरमठहरे
जवानीकीसियह-मस्तीमेंवस्फ़-ए-ज़ुल्फ़लिक्खाथा
बढ़ावोसिलसिलाऐसाकिहममुश्कींक़लमठहरे
येसाबितहैकिमुतलक़कात'अय्युनहोनहींसकता
वोसालिकहीनहींजोचलकेता-दैर-ओ-हरमठहरे
बशरकोक़ैद-ए-कुल्फ़तमाया-ए-अंदोह-ओ-आफ़तहै
रहेअच्छेजोइसमेहमाँ-सरामेंआकेकमठहरे
'हबीब'-ए-ना-तवाँसेराह-ए-उल्फ़ततयनहींहोती
अजबक्यागरयेरस्ताजादा-ए-मुल्क-ए-अदमठहरे