jo naqsh mit chuka hai ban | जो नक़्श मिट चुका है बनाना तो है नहीं

  - Nabeel Ahmad Nabeel
जोनक़्शमिटचुकाहैबनानातोहैनहीं
उजड़ादयारहमनेबसानातोहैनहीं
आँखोंकेदीपराहमेंउसकेजलाएँक्या
इसनेपलटकेफिरकभीआनातोहैनहीं
लाज़िमहैचलनाज़ीस्तकीराहोंपेभीमगर
जोगिरपड़ेकिसीनेउठानातोहैनहीं
भरजाएगायेथोड़ीसीचारागरीकेबा'द
ताज़ालगाहैज़ख़्मपुरानातोहैनहीं
कबतकवफ़ाकेमअ'नीबतातारहूँउसे
उसबे-वफ़ानेराहपेआनातोहैनहीं
कुछदेरठहरजाएवोख़ुदहीख़ुदाकरे
इसबारकोईऐसाबहानातोहैनहीं
फिरख़्वाहिशोंकेपेड़पेबैठेंगेदेखना
इनपंछियोंकाकोईठिकानातोहैनहीं
अल्लाह-रेवफ़ाएँयेख़ूबान-ए-शहरकी
मंज़रधुआँधुआँहैसुहानातोहैनहीं
मंसूबकरदूँमैंजोतिरीज़िंदगीकेसाथ
यादोंकामेरेपासख़ज़ानातोहैनहीं
क्यूँँफिरकिसीकेदिलमेंमोहब्बतबसाएँहम
जबआशिक़ीमेंनामकमानातोहैनहीं
क़िस्मतहैइसकेसामनेबनजाएकोईबात
वैसेकोईभीबातबनानातोहैनहीं
सोचूँतोसारेलोगनिशानेपेहैंमगर
देखूँकोईकिसीकानिशानातोहैनहीं
वोअपनादर्दआपसुनाएतोबातहै
हमनेकिसीकादर्दसुनानातोहैनहीं
इकदूसरेकीघातमेंबैठेहैंसबमगर
इसवक़्तनेकिसीकोबचानातोहैनहीं
हैताइरान-ए-शौक़कामस्लकतोख़ामुशी
हैमस्लहतकिशोरमचानातोहैनहीं
इश्क़-ओ-नज़रकादाइमीरिश्ताअज़लसेहै
मजनूँनेशहरछोड़केजानातोहैनहीं
हासिलकियाइसलिएता'मीरकाहुनर
हमनेनयाजहानबसानातोहैनहीं
कैसेरसाईहोमिरीउसकेमिज़ाजतक
अहवालउसनेदिलकासुनानातोहैनहीं
महरूमहमहोंकभीमाँकीदु'आओंसे
नायाबऐसाकोईख़ज़ानातोहैनहीं
देखेगाकौनचाक-ए-गरेबाँको'नबील'
फ़रहाद-ओ-क़ैसकायेज़मानातोहैनहीं
  - Nabeel Ahmad Nabeel
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy

Zindagi Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Nabeel Ahmad Nabeel

As you were reading Shayari by Nabeel Ahmad Nabeel

Similar Writers

our suggestion based on Nabeel Ahmad Nabeel

Similar Moods

As you were reading Zindagi Shayari Shayari